Published on Apr 29, 2026
Bihar में तेजी से शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सैटेलाइट टाउनशिप योजना को आगे बढ़ा दिया है। इस योजना के तहत किसानों को न सिर्फ भागीदार बनाया जाएगा, बल्कि उनकी जमीन के बदले उन्हें विकसित प्लॉट भी लौटाया जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार:
=> जो किसान अपनी जमीन टाउनशिप के लिए देंगे
=> उन्हें कुल जमीन का करीब 55% हिस्सा विकसित रूप में वापस मिलेगा
इसका मतलब है कि किसान केवल जमीन नहीं देंगे, बल्कि भविष्य में उस विकसित जमीन से अधिक लाभ भी कमा सकेंगे।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि:
=> कोई भी किसान मजबूर नहीं किया जाएगा
=> अगर कोई जमीन नहीं देना चाहता है
तो सरकार उस जमीन को बाजार मूल्य से लगभग 4 गुना अधिक कीमत पर खरीदेगी
=> इस प्रक्रिया को जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी पूरा करेगी।
=> अगर जमीन को लेकर कोई विवाद होता है
=> तो उसका निपटारा विशेष ट्रिब्यूनल के जरिए किया जाएगा
इससे प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
=> सरकार अक्टूबर-नवंबर तक टाउनशिप का ड्राफ्ट प्लान जारी करेगी
=> इसमें शामिल होंगे:
=> इसके बाद आम जनता और किसानों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
सरकार ने टाउनशिप क्षेत्र में फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है
=> ताकि:
=> योजना पूरी होने के बाद यह रोक हटा दी जाएगी।
टाउनशिप योजना के तहत जमीन का उपयोग इस तरह तय किया गया है:
=> इससे शहरों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
यह योजना राज्य के 11 प्रमुख शहरों में लागू की जाएगी, जिनमें शामिल हैं:
=> कुछ शहरों में 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक भी लागू रहेगी।
बिहार सरकार की यह सैटेलाइट टाउनशिप योजना शहरीकरण और किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाने की एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
=> इससे जहां शहरों का विस्तार होगा, वहीं किसानों को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनने का मौका मिलेगा।