Published on Jul 03, 2026
बांका: बिहार के बांका जिले के भूमि स्वामियों के लिए राजस्व विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। जिले के कई राजस्व गांवों के कैडस्ट्रल सर्वे (CS) खतियान या तो सरकारी अभिलेखागार में उपलब्ध नहीं हैं या समय के साथ क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में विभाग ने पुराने भूमि अभिलेखों को सुरक्षित रखने और उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
इस पहल का उद्देश्य वर्षों पुराने भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में संरक्षित करना है, ताकि भविष्य में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे में आसानी हो सके।
राजस्व विभाग ने बताया है कि यदि किसी व्यक्ति के पास अपने पूर्वजों का मूल CS खतियान सुरक्षित रखा हुआ है, तो वह उसे संबंधित अंचल कार्यालय या जिला राजस्व अभिलेखागार में स्कैनिंग के लिए उपलब्ध करा सकता है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मूल दस्तावेज पूरी सुरक्षा के साथ संबंधित व्यक्ति को वापस कर दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल पुराने अभिलेखों का डिजिटल संरक्षण करना है।
अधिकारियों के अनुसार कई पुराने भूमि अभिलेख समय के साथ खराब हो चुके हैं या पढ़ने योग्य नहीं बचे हैं। ऐसे रिकॉर्डों के डिजिटलीकरण से भविष्य में भूमि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद निम्न कार्यों में आसानी होगी—
राजस्व विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कई अंचलों में बड़ी संख्या में ऐसे मौजे हैं, जहां पुराने CS खतियान उपलब्ध नहीं हैं या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
| अंचल | प्रभावित मौजों की संख्या |
|---|---|
| चांदन | 124 |
| फुल्लीडुमर | 39 |
| बांका | 16 |
| कटोरिया | 15 |
| शंभूगंज | 10 |
| बाराहाट | 6 |
| अमरपुर | 3 |
| बौंसी | 3 |
| बेलहर | 2 |
| धोरैया | 2 |
इन क्षेत्रों के भूमि स्वामियों से विशेष रूप से सहयोग करने की अपील की गई है।
यदि आपकी जमीन बांका जिले में स्थित है, तो सबसे पहले यह जांच लें कि आपका गांव प्रभावित मौजों की सूची में शामिल है या नहीं।
यदि आपके पास अपने परिवार या पूर्वजों का मूल CS खतियान सुरक्षित है, तो उसे स्कैनिंग के लिए संबंधित अंचल कार्यालय या जिला राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध कराएं।
इससे न केवल आपके पुराने दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे, बल्कि भविष्य में भूमि रिकॉर्ड से जुड़े कार्य भी आसान हो जाएंगे।
राजस्व विभाग का मानना है कि पुराने भूमि अभिलेख राज्य की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। समय के साथ कई दस्तावेज खराब हो चुके हैं, जिससे जमीन से जुड़े मामलों में कठिनाई आती है।
डिजिटल संरक्षण के बाद इन रिकॉर्डों को सुरक्षित रखा जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग आसानी से किया जा सकेगा। इससे भूमि प्रबंधन व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल पुराने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और संरक्षण के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना किसी संकोच के अपने पास उपलब्ध मूल CS खतियान स्कैनिंग के लिए उपलब्ध कराएं, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण भूमि रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जा सकें।