Published on Jun 22, 2026
बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण (Special Land Survey) का उद्देश्य राज्य के भूमि अभिलेखों को अद्यतन और अधिक सटीक बनाना है। इस प्रक्रिया के दौरान भूमि धारकों से उनकी जमीन से संबंधित जानकारी मांगी जाती है, जिसके लिए Self Declaration Form (स्व-घोषणा पत्र) भरना आवश्यक हो सकता है।
इस फॉर्म के माध्यम से भूमि मालिक या दावेदार अपनी जमीन से संबंधित विवरण जैसे खाता संख्या, खेसरा संख्या, रकबा, स्वामित्व का आधार तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी विभाग को उपलब्ध कराते हैं।
भूमि सर्वे के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर नए रिकॉर्ड तैयार किए जाते हैं और पुराने रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है।
बिहार भूमि सर्वे में Self Declaration Form महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि इसके माध्यम से भूमि से संबंधित जानकारी विभाग तक पहुंचती है।
इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
✔ भूमि धारकों की जानकारी एकत्र करना
✔ भूमि अभिलेखों का सत्यापन करना
✔ पुराने रिकॉर्ड को अद्यतन करना
✔ भूमि विवादों को कम करने में सहायता करना
✔ सर्वे रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाना
फॉर्म भरने से पहले भूमि से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज अपने पास तैयार रखें।
जमाबंदी की प्रति
खतियान की प्रति
भूमि रसीद
रजिस्ट्री दस्तावेज
दाखिल-खारिज आदेश
वंशावली (यदि भूमि उत्तराधिकार से प्राप्त हुई हो)
पहचान संबंधी दस्तावेज
अन्य उपलब्ध भूमि रिकॉर्ड
ध्यान दें कि आवश्यक दस्तावेज स्थानीय सर्वे कार्यालय के निर्देशों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
फॉर्म भरते समय सभी जानकारी दस्तावेजों के अनुसार सावधानीपूर्वक दर्ज करनी चाहिए।
फॉर्म में सबसे पहले अपना नाम, पिता/पति का नाम तथा अन्य मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें।
अपने वर्तमान पते से संबंधित जानकारी भरें:
ग्राम
पंचायत
थाना
अंचल
जिला
अब संबंधित भूमि का विवरण भरें।
जैसे:
खाता संख्या
खेसरा संख्या
जमाबंदी संख्या (यदि उपलब्ध हो)
रकबा / क्षेत्रफल
यदि एक से अधिक खेसरा संख्या हो तो सभी का विवरण दर्ज करें।
Self Declaration Form का यह महत्वपूर्ण भाग माना जाता है।
भूमि आपके पास किस आधार पर है, इसकी जानकारी देनी होती है, जैसे:
खरीद (Purchase)
उत्तराधिकार (Succession)
दान (Gift)
बंटवारा (Partition)
बंदोबस्ती (Settlement)
अन्य वैध आधार
सही विकल्प का चयन करना आवश्यक है।
यदि फॉर्म में पूछा गया हो तो भूमि की प्रकृति का उल्लेख करें।
उदाहरण:
कृषि भूमि
आवासीय भूमि
व्यावसायिक भूमि
अन्य
यदि भूमि संयुक्त स्वामित्व में है, तो अन्य सह-स्वामियों का विवरण भी दर्ज किया जा सकता है।
फॉर्म में दी गई घोषणा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सुनिश्चित करें कि सभी जानकारी सही है।
अंत में:
हस्ताक्षर करें
मोबाइल नंबर दर्ज करें
दिनांक लिखें
इसके बाद फॉर्म जमा करने के लिए तैयार हो जाएगा।
| दस्तावेज | स्थिति |
|---|---|
| जमाबंदी | उपलब्ध होने पर |
| खतियान | उपलब्ध होने पर |
| भूमि रसीद | उपलब्ध होने पर |
| रजिस्ट्री दस्तावेज | उपलब्ध होने पर |
| दाखिल-खारिज आदेश | उपलब्ध होने पर |
| वंशावली | उत्तराधिकार मामलों में |
| पहचान पत्र | आवश्यकता अनुसार |
भरा हुआ फॉर्म संबंधित सर्वे प्रक्रिया के दौरान निम्न स्थानों पर जमा किया जा सकता है:
सर्वे शिविर
सर्वे अमीन
विशेष सर्वे कार्यालय
संबंधित अंचल कार्यालय
जमा करने की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
✔ सभी जानकारी दस्तावेजों के अनुसार भरें
✔ खाता और खेसरा संख्या दोबारा जांचें
✔ दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां लगाएं
✔ मोबाइल नंबर सही दर्ज करें
✔ जमा करने के बाद रसीद या प्राप्ति प्रमाण सुरक्षित रखें
यदि कोई व्यक्ति गलत या भ्रामक जानकारी देता है, तो भविष्य में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जैसे:
रिकॉर्ड में त्रुटि
आपत्ति या विवाद
सत्यापन में समस्या
आवेदन अस्वीकृत होना
कानूनी विवाद की संभावना
इसलिए सभी जानकारी प्रमाणित रिकॉर्ड के आधार पर ही भरनी चाहिए।
राज्य सरकार भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक और अद्यतन बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
Self Declaration Form के माध्यम से विभाग भूमि धारकों की जानकारी एकत्र करता है ताकि:
भूमि रिकॉर्ड अपडेट किए जा सकें
वास्तविक भूमि धारकों की पहचान हो सके
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा सकें
भविष्य में भूमि विवादों को कम किया जा सके
इसी कारण यह फॉर्म भूमि सर्वे प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
| कार्य | लिंक |
|---|---|
| 2026 में बिहार भूमि पर दाखिल-खारिज (Mutation) आवेदन की स्थिति कैसे देखें | यहाँ क्लिक करें |
| 2026 में Bihar Bhumi जमाबंदी पंजी-II ऑनलाइन कैसे देखें | यहाँ क्लिक करें |
| 2026 में Bihar Bhumi Online भू-नक्शा कैसे देखें | यहाँ क्लिक करें |
| 2026 में Bihar Bhumi पर भू-लगान ऑनलाइन कैसे जमा करें | यहाँ क्लिक करें |
| बिहार भूमि आधिकारिक पोर्टल | https://biharbhumi.bihar.gov.in |
उत्तर: भूमि मालिक, सह-स्वामी या वैध दावेदार यह फॉर्म भर सकते हैं।
उत्तर: हाँ, यह भूमि से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने और रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
उत्तर: जमाबंदी, खतियान, भूमि रसीद, रजिस्ट्री दस्तावेज, दाखिल-खारिज आदेश तथा अन्य भूमि रिकॉर्ड उपयोगी हो सकते हैं।
इससे रिकॉर्ड सत्यापन में समस्या आ सकती है, इसलिए सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरने चाहिए।
उत्तर: यदि फॉर्म में मांगा गया हो, तो सह-स्वामियों का विवरण भी दर्ज किया जाना चाहिए।
उत्तर: विभाग द्वारा प्रस्तुत जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है तथा सर्वे रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
बिहार भूमि सर्वे Self Declaration Form भूमि रिकॉर्ड के सत्यापन और अद्यतन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि आपकी भूमि सर्वे प्रक्रिया में शामिल है, तो फॉर्म भरते समय सभी जानकारी दस्तावेजों के अनुसार सही-सही दर्ज करें और उपलब्ध रिकॉर्ड संलग्न करें।
सही जानकारी देने से भूमि रिकॉर्ड अधिक सटीक बनते हैं और भविष्य में संभावित विवादों से बचने में मदद मिल सकती है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। भूमि सर्वे से संबंधित अंतिम एवं आधिकारिक निर्देशों के लिए संबंधित सर्वे कार्यालय, अंचल कार्यालय या विभागीय अधिसूचना का संदर्भ अवश्य लें।