Published on May 25, 2026
बिहार में जमीन रजिस्ट्री को लेकर सरकार ने बड़े बदलाव लागू किए हैं। अब जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए नियम लागू कर दिए गए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य फर्जीवाड़ा, गलत दस्तावेज और जमीन विवाद के मामलों को कम करना है।
=> नई व्यवस्था के तहत अब जमीन रजिस्ट्री से पहले कई जरूरी जानकारियां और सत्यापन अनिवार्य कर दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार अब e-Nibandhan Portal पर जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।
=> इसमें शामिल हैं:
=> बिना सही जानकारी दिए अब रजिस्ट्री प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
अब जमीन रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचल अधिकारी (CO) द्वारा जमीन की जांच की जाएगी।
=> जांच में यह देखा जाएगा कि:
=> CO को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
अगर तय समय में रिपोर्ट नहीं आती है, तो आगे की प्रक्रिया उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जारी रह सकती है।
नई व्यवस्था में आधार कार्ड आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन को भी जरूरी किया गया है।
=> इससे फर्जी पहचान और गलत लेन-देन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
सरकार ने 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की जमीन रजिस्ट्री के लिए PAN Card देना भी जरूरी कर दिया है।
=> इससे बड़े लेन-देन की निगरानी आसान होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकार का कहना है कि बिहार में जमीन विवाद और फर्जी रजिस्ट्री के मामलों को कम करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
=> नई प्रणाली से:
=> जमीन खरीदने से पहले:
बिहार में जमीन रजिस्ट्री को लेकर लागू किए गए नए नियमों से अब प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनने जा रही है।
=> सरकार का मानना है कि इससे फर्जी रजिस्ट्री और जमीन विवाद के मामलों में कमी आएगी और सही खरीदारों को राहत मिलेगी।