Published on Jun 16, 2026
बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री, विरासत (Inheritance) या उपहार (Gift Deed) के बाद दाखिल-खारिज (Mutation) कराना आवश्यक होता है। दाखिल-खारिज स्वीकृत होने के बाद जमीन का रिकॉर्ड राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट किया जाता है।
लेकिन कई लोगों को एक समस्या का सामना करना पड़ता है कि Bihar Bhumi Portal पर उनका Mutation Case Approved दिखाता है, फिर भी नई जमाबंदी (Jamabandi) ऑनलाइन दिखाई नहीं देती।
यदि आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस लेख में हम जानेंगे कि Mutation Approved होने के बाद भी जमाबंदी क्यों नहीं बनती, नई जमाबंदी कैसे चेक करें और समस्या होने पर क्या करना चाहिए।
Mutation Approved का अर्थ है कि आपके दाखिल-खारिज आवेदन को संबंधित अंचल अधिकारी (Circle Officer - CO) द्वारा स्वीकृत कर दिया गया है।
इसके बाद जमीन से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू होती है। हालांकि Mutation Approval और नई Jamabandi का पोर्टल पर दिखाई देना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हो सकती हैं।
इसलिए कई मामलों में Mutation Approved होने के बाद भी कुछ समय तक नई जमाबंदी दिखाई नहीं देती।
इसके कई कारण हो सकते हैं:
Mutation Approved होने के बाद संबंधित रिकॉर्ड को Bihar Bhumi Portal में अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।
कभी-कभी पोर्टल पर डेटा अपडेट होने में देरी हो जाती है, जिसके कारण नई जमाबंदी तुरंत दिखाई नहीं देती।
कुछ मामलों में रिकॉर्ड का अतिरिक्त सत्यापन किया जाता है, जिससे अपडेट प्रक्रिया में समय लग सकता है।
यदि संबंधित जमीन सर्वे, परिमार्जन, दाखिल-खारिज विवाद या अन्य राजस्व प्रक्रिया से जुड़ी है तो नई जमाबंदी बनने में देरी हो सकती है।
खाता संख्या, खेसरा संख्या, रैयत का नाम या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर रिकॉर्ड अपडेट प्रभावित हो सकता है।
यदि आपका दाखिल-खारिज आवेदन Approved हो चुका है, तो आप Bihar Bhumi Portal पर जाकर नई जमाबंदी की स्थिति ऑनलाइन जांच सकते हैं।
नई जमाबंदी देखने के लिए:
Bihar Bhumi Portal खोलें। => https://biharbhumi.bihar.gov.in
"जमाबंदी पंजी देखें" विकल्प पर क्लिक करें।
जिला, अनुमंडल, अंचल और मौजा का चयन करें।
खाता संख्या, खेसरा संख्या या रैयत के नाम से खोज करें।
Search बटन पर क्लिक करें।
यदि नई जमाबंदी बन चुकी होगी, तो उसका रिकॉर्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
कई मामलों में Mutation Approved होने के बाद सबसे पहले पंजी-II में रिकॉर्ड अपडेट होता है।
यदि नई जमाबंदी दिखाई नहीं दे रही है, तो Bihar Bhumi Portal पर उपलब्ध Register-II रिकॉर्ड भी जांच सकते हैं।
यदि काफी समय बीत जाने के बाद भी नई जमाबंदी दिखाई नहीं देती है, तो निम्न कदम उठा सकते हैं:
सबसे पहले Bihar Bhumi Portal पर Jamabandi और Register-II दोनों रिकॉर्ड जांचें।
अपने Mutation Case Number की सहायता से आवेदन की स्थिति पुनः जांच लें।
यदि रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ है तो संबंधित अंचल कार्यालय में जानकारी प्राप्त करें।
Mutation Case Number
रजिस्ट्री दस्तावेज
खाता संख्या
खेसरा संख्या
पहचान पत्र
जरूरत पड़ने पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
सही खाता और खेसरा संख्या से खोज करें।
रैयत के नाम की सही स्पेलिंग जांचें।
Mutation Approval Order सुरक्षित रखें।
समय-समय पर Bihar Bhumi Portal पर रिकॉर्ड जांचते रहें।
रिकॉर्ड में त्रुटि होने पर परिमार्जन (Parimarjan) प्रक्रिया का उपयोग करें।
| कार्य | लिंक |
|---|---|
| 2026 में बिहार भूमि पर दाखिल-खारिज (Mutation) आवेदन की स्थिति कैसे देखें | यहाँ क्लिक करें |
| 2026 में Bihar Bhumi जमाबंदी पंजी-II ऑनलाइन कैसे देखें | यहाँ क्लिक करें |
| 2026 में Bihar Bhumi Online भू-नक्शा कैसे देखें | यहाँ क्लिक करें |
| 2026 में Bihar Bhumi पर भू-लगान ऑनलाइन कैसे जमा करें | यहाँ क्लिक करें |
| बिहार भूमि आधिकारिक पोर्टल | https://biharbhumi.bihar.gov.in |
उत्तर: नहीं। Mutation Approval के बाद रिकॉर्ड अपडेट होने में कुछ समय लग सकता है।
उत्तर: Bihar Bhumi Portal पर "जमाबंदी पंजी देखें" विकल्प के माध्यम से खाता, खेसरा या रैयत के नाम से खोज सकते हैं।
उत्तर: पंजी-II रिकॉर्ड जांचें और आवश्यकता होने पर संबंधित अंचल कार्यालय से संपर्क करें।
उत्तर: हाँ, Bihar Bhumi Portal मोबाइल और कंप्यूटर दोनों पर उपलब्ध है।
उत्तर: हाँ, तकनीकी कारणों, सत्यापन प्रक्रिया या रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियों के कारण देरी हो सकती है।
यदि Bihar Bhumi Portal पर आपका Mutation Case Approved दिखा रहा है लेकिन नई Jamabandi नहीं बनी है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले जमाबंदी पंजी और Register-II रिकॉर्ड जांचें। यदि रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ है तो संबंधित अंचल कार्यालय से संपर्क करें और आवश्यक होने पर शिकायत दर्ज करें।
समय-समय पर रिकॉर्ड की जांच करते रहने से आप जमीन से संबंधित किसी भी समस्या का समय रहते समाधान कर सकते हैं।