Published on May 11, 2026
Bihar में जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने जमीन खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (CO) की जांच रिपोर्ट जरूरी होगी।
सरकार का मानना है कि इस नई प्रक्रिया से जमीन विवाद, गलत दस्तावेज और धोखाधड़ी जैसे मामलों में कमी आएगी।
नई व्यवस्था के तहत अब जमीन की खरीद-बिक्री सीधे रजिस्ट्री कार्यालय में नहीं हो सकेगी।
=> सबसे पहले:
=> यानी अब बिना सत्यापन के जमीन रजिस्ट्री करना आसान नहीं होगा।
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है।
=> जमीन खरीदने या बेचने से पहले लोगों को:
=> इसके बाद अंचल कार्यालय जमीन की जांच करेगा।
नई प्रक्रिया में कई जानकारियां अनिवार्य कर दी गई हैं।
=> आवेदन करते समय देना होगा:
=> इन जानकारियों के आधार पर जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट तय समय के भीतर जारी की जाए।
=> CO को:
=> अगर तय समय में रिपोर्ट नहीं दी जाती, तो आगे की प्रक्रिया उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर बढ़ाई जा सकती है।
नई व्यवस्था में अंचलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि:
=> जमीन:
=> इससे खरीददारों को पहले ही जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन खरीदने वाले लोगों को ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।
=> इससे:
=> साथ ही पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
=> जमीन खरीदने से पहले:
=> इससे भविष्य में कानूनी विवाद से बचा जा सकता है।
बिहार सरकार द्वारा लागू की गई यह नई व्यवस्था जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब CO जांच के बाद ही रजिस्ट्री होने से लोगों को जमीन खरीदने में अधिक भरोसा मिलेगा।