Published on May 14, 2026
Bihar में जमीन से जुड़े लंबित दाखिल-खारिज (Mutation) मामलों को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 120 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों का अगले 15 दिनों के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
राज्य सरकार का कहना है कि जमीन मामलों में देरी के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है, इसलिए अब पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
राजस्व विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि कई अंचलों में दाखिल-खारिज के मामले तय समय सीमा से काफी ज्यादा दिनों तक लंबित पड़े हुए हैं।
=> विभाग के अनुसार:
=> इसी को देखते हुए अब विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजा गया है।
=> इसमें कहा गया है कि:
=> विभाग अब इन मामलों की लगातार निगरानी भी करेगा।
सरकार ने पहले ही Mutation मामलों के निपटारे के लिए समय सीमा निर्धारित कर रखी है।
=> नियमों के अनुसार:
हो जाना चाहिए।
लेकिन विभागीय जांच में पाया गया कि कई जगहों पर यह प्रक्रिया तय समय से काफी ज्यादा देर से चल रही है।
विभाग ने सभी जिलों को अंचलवार Pending मामलों की सूची भी भेजी है।
=> इस सूची में:
शामिल की गई है।
=> अब जिलास्तर पर इन मामलों की विशेष समीक्षा की जाएगी।
राज्य सरकार ने साफ कहा है कि भविष्य में दाखिल-खारिज के मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
=> इसके लिए:
=> सरकार चाहती है कि लोगों को जमीन मामलों में जल्द राहत मिले।
अगर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू होती है, तो लोगों को कई फायदे मिल सकते हैं।
=> जैसे:
=> इससे जमीन खरीद-बिक्री प्रक्रिया भी आसान हो सकती है।
बिहार सरकार द्वारा लंबित दाखिल-खारिज मामलों को लेकर जारी किया गया यह निर्देश जमीन रिकॉर्ड व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब आने वाले दिनों में पुराने लंबित मामलों के तेजी से निपटारे की उम्मीद की जा रही है।