Published on May 16, 2026
Bihar में जमीन और राजस्व व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। राज्य सरकार अब भू-लगान (Land Revenue) की दरों में बदलाव की संभावनाओं पर विचार कर रही है। इसके साथ ही लाखों जमाबंदियों में सुधार और लंबित मापी मामलों के निपटारे को लेकर भी नया लक्ष्य तय किया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं, जिनका असर आने वाले समय में जमीन मालिकों और किसानों पर पड़ सकता है।
राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वर्तमान भू-लगान व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जरूरत पड़ने पर नई दरों पर विचार किया जाए।
=> विभाग अब यह देख रहा है कि:
हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है।
सरकार ने लंबित आवेदनों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है।
=> अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि:
विभाग के अनुसार अब तक लगभग 81 प्रतिशत आवेदन अपलोड किए जा चुके हैं।
राज्य में चल रहे Agristack अभियान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 6.60 लाख जमाबंदियों में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया है।
=> सरकार का मानना है कि:
इसी वजह से जमाबंदी सुधार कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
बैठक में जमीन मापी (Land Survey / Measurement) से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई।
=> विभागीय जानकारी के अनुसार:
अब अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि:
अगर सरकार भू-लगान व्यवस्था में बदलाव करती है, तो इसका सीधा असर जमीन मालिकों और किसानों पर पड़ सकता है।
=> वहीं:
जमीन रिकॉर्ड प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बना सकता है।
राज्य सरकार फिलहाल:
को तेजी से आगे बढ़ाने पर काम कर रही है।
=> विभाग का कहना है कि सही रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में जमीन विवाद और राजस्व संबंधित समस्याएं कम होंगी।
बिहार में जमीन रिकॉर्ड और भू-लगान व्यवस्था को लेकर सरकार तेजी से काम कर रही है। आने वाले समय में भू-लगान दरों में बदलाव, जमाबंदी सुधार और लंबित मापी मामलों के निपटारे से भूमि प्रशासन व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।