Published on May 17, 2026
Bihar में चल रहे भूमि सर्वे अभियान को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब अगर किसी परिवार में जमीन का पारिवारिक बंटवारा नहीं हुआ है, तब भी भूमि सर्वे का काम नहीं रोका जाएगा। ऐसी स्थिति में जमीन फिलहाल पूर्वजों के नाम पर ही रिकॉर्ड में दर्ज रहेगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने साफ किया है कि राज्य में भूमि सर्वे कार्य तय समय के भीतर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती से लेकर आधुनिक तकनीक के उपयोग तक की तैयारी की जा रही है।
सरकार के अनुसार कई परिवारों में अब तक जमीन का आपसी बंटवारा नहीं हुआ है। इससे सर्वे प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।
अब नई व्यवस्था के तहत:
तो भी सर्वे कार्य जारी रहेगा।
=> ऐसे मामलों में जमीन पुराने रिकॉर्ड के अनुसार पूर्वजों के नाम पर दर्ज रहेगी।
राजस्व विभाग अब लंबित भूमि सर्वे कार्यों को अभियान मोड में पूरा करने की तैयारी कर रहा है।
=> इसके लिए:
जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकार का मानना है कि सही भूमि रिकॉर्ड तैयार होने से जमीन विवाद और कानूनी समस्याओं में कमी आएगी।
भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए अब Artificial Intelligence (AI) तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।
=> AI के जरिए:
जैसे कार्य आसान बनाए जाएंगे।
इसके साथ ही अवैध कब्जों और रिकॉर्ड गड़बड़ी पर भी नजर रखी जाएगी।
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि भूमि सर्वे और परिमार्जन कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
=> विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि:
लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
भूमि सर्वे में सबसे बड़ी चुनौती पुराने रिकॉर्ड की कमी बन रही है।
=> जानकारी के अनुसार:
अब सरकार लोगों से पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील कर रही है।
भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
=> अब:
सरकार का मानना है कि इससे:
राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल और लंबित मामलों को देखते हुए विभाग ने अतिरिक्त कार्य व्यवस्था लागू की है।
=> अब कर्मचारी:
अतिरिक्त समय में भी लंबित मामलों के निपटारे पर काम करेंगे।
राज्य सरकार पूरे बिहार में भूमि सर्वे और रिकॉर्ड सुधार प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना चाहती है।
=> मुख्य फोकस:
पर रखा गया है।
बिहार में भूमि सर्वे को लेकर सरकार अब तेजी से काम कर रही है। पारिवारिक बंटवारा नहीं होने पर भी सर्वे कार्य जारी रहेगा और जमीन पुराने रिकॉर्ड के अनुसार दर्ज की जाएगी। साथ ही AI तकनीक, ऑनलाइन रिकॉर्ड और अतिरिक्त कर्मचारियों की मदद से पूरे सर्वे अभियान को तेज करने की तैयारी की जा रही है।